आज का पंचांग दिनांक 22 मई 2022(Aaj ka Panchang Date 22 May 2022):-सप्तमी तिथि के स्वामी सूर्य देवता की पूजा-आराधना करके उनको खुश करना चाहिए। जिससे मनुष्य को सूर्यदेवता का आशीर्वाद मिल सके और मनुष्य को मान-सम्मान की प्राप्ति हो सके।
सप्तमी तिथि के दिन करने योग्य काम:-सप्तमी तिथि के दिन मनुष्य को यात्रा, स्थापना, वाहन, राजसेवा, विवाह, वास्तु, आभूषण, उपनयन आदि काम करना अच्छा रहता है।
अष्टमी तिथि के स्वामी:-अष्टमी तिथि के स्वामी भगवान भोलेनाथजी की पूजा-अर्चना करके उनको खुश करना चाहिए।जिससे भगवान भोलेनाथजी की अनुकृपा मनुष्य पर बनी रहे और सभी तरह के कामों में किसी तरह की बाधा नहीं आवे।
अष्टमी तिथि के दिन करने योग्य काम:-अष्टमी तिथि के दिन मनुष्य को खेती, व्यापार, धान्य, पत्थर, लौह, संग्राम, भूषण, शिवजी की स्थापना, जलाशय या कूप खनन आदि का काम करना ठीक रहता है।
अभिजीत महूर्त का समय:-प्रातःकाल 11:51 से दोपहर 12:45 तक का समय शुभ होने से जिन कामों को करने में मुहूर्त नहीं मिलने पर अभिजीत मुहूर्त के समय में कामों को करने से कामयाबी मिलती है।
विशेष:-आज के दिन पंचक नक्षत्र रहने से पंचक मुहूर्त रहेगा, जो इस तरह हैं।
पंचक मुहूर्त का समय:-प्रातःकाल 11:11 से अहोरात्र तक रहेगा, जो कि अशुभ समय हैं।
विशेष:-आज के दिन कालाष्टमी हैं।
विशेष:-आज के दिन राजस्थान में ज्येष्ठ मास प्रारम्भ होगा।
।।दैनिक पंचांग का विवरण।।
दिनांक------------------22 मई 2022।
महीना (अमावस्यांत् )---------वैशाख।
महीना (पूर्णिमांंत् )-------------ज्येष्ठ।
पक्ष------------------------------कृष्ण पक्ष।
कलियुगाब्द्--------------------5124।
विक्रम संवत्-------------------2079 विक्रम संवत।
विक्रम संवत् (कर्तक्)---------2078 विक्रम संवत।
शक संवत्----------------------1944 शक संवत।
ऋतु-----------------------------ग्रीष्म ऋतु।
सूर्य का अयण----------------उत्तरायणे।
सूर्य का गोल----------------- उत्तर गोले।
संवत्सर(उत्तर)------------------शुभकृत।
संवत्सर--------------------------राक्षस ।
।।आज के पंचांग के हालात को जानें।।
तिथि----सप्तमी तिथि दोपहर 12:59:04 तक रहेगी,
उसके बाद अष्ठमी तिथि दोपहर 12:59:04 से शुरू होकर प्रातः(कल) 35:33:47 तक रहेगी।
वार-------------रविवार।
नक्षत्र--------धनिष्ठा नक्षत्र रात्रिकाल 22:45:30 तक रहेगा,
उसके बाद
नक्षत्र----------शतभिषा नक्षत्र रात्रिकाल 22:45:30 से शुरू होकर प्रातः(कल) 46:20:49 तक रहेगा।
योग......ऐन्द्र योग प्रातः(कल) 26:57:26 तक रहेगा,
उसके बाद में
योग.........वैधृति योग प्रातः(कल) 26:57:26 से शुरू होकर प्रातः(कल) 49:03:41 तक रहेगा।
करण.....बव करण दोपहर 12:59:04 तक रहेगा,
उसके बाद
करण........बालव करण प्रातः(कल) 24:11:59 तक रहेगा,
उसके बाद में
करण.......कौलव करण प्रातः(कल) 24:11:59 से शुरू होकर प्रातः(कल) 35:33:47 तक रहेगा।
चन्द्रमा की राशि-------मकर राशि में चन्द्रमा प्रातःकाल 11:11:07 तक रहेगा।
उसके बाद चन्द्रमा की राशि-------कुंभ राशि में चन्द्रमा प्रातःकाल 11:11:07 से शुरू होगा।
सूर्य की राशि......सूर्य वृषभ राशि में रहेगा।
सौर प्रविष्टे............08, ज्येष्ठ।
सूर्य का उदय व अस्त, दिनमान व रात्रिमान और चन्द्रमा के उदय और अस्त का समय:-
सूर्योदय का समय:-प्रातःकाल 05:28:14।
सूर्यास्त का समय:-रात्रिकाल 19:07:37।
चन्द्रोदय का समय:-प्रातः(कल) 25:19:07।
चन्द्रास्त का समय:-प्रातःकाल 11:34:02।
दिनमान का समय:-दोपहर 13:39:22।
रात्रिमान का समय:-प्रातःकाल 10:20:12।
आज जन्में बच्चे के नक्षत्र का चरण और नाम अक्षर:-
दूसरे चरण गी अक्षर के धनिष्ठा नक्षत्र का समय प्रातःकाल 11:11:07 तक रहेगा।
तीसरे चरण गु अक्षर के धनिष्ठा नक्षत्र का समय सायंकाल 16:57:13 तक रहेगा।
चौथे चरण गे अक्षर के धनिष्ठा नक्षत्र का समय रात्रिकाल 22:45:30 तक रहेगा।
पहले चरण गो अक्षर के शतभिषा नक्षत्र का समय प्रातः(कल) 28:35:58 तक रहेगा।
दूसरे चरण सा अक्षर के शतभिषा नक्षत्र का समय प्रातः(कल) 34:28:40 तक रहेगा।
।।आंग्ल मतानुसार 22 मई 2022 ईस्वी सन।।
।।आज के दिन का शुभ मुहूर्त का समय।।
अभिजीत महूर्त का समय:-प्रातःकाल 11:51 से दोपहर 12:45 तक का समय शुभ होने से जिन कामों को करने में मुहूर्त नहीं मिलने पर अभिजीत मुहूर्त के समय में कामों को करने से कामयाबी मिलती है।
।।आज के दिन के अशुभ मुहूर्त का समय।।
राहुकाल मुहूर्त का समय:-सायंकाल 17:25 से 19:08 तक रहेगा जो कि अशुभ मुहूर्त का समय होने से अच्छे कामों को इस समय में नहीं करे।
यमघण्टा मुहूर्त का समय:-दोपहर 12:18 से 14:00 तक रहेगा जो कि अशुभ मुहूर्त है।
गुलिक मुहूर्त का समय:-दोपहर 15:43 से 17:25 तक रहेगा जो कि अशुभ मुहूर्त है।
दूर मुहूर्त का समय:-सायंकाल 17:18 से 18:13 तक रहेगा जो कि अशुभ मुहूर्त है।
गण्डमूल मुहूर्त का समय:-दोपहर 14:56 से दोपहर 12:36 अहोरात्र तक रहेगा, जो कि अशुभ मुहूर्त समय है।
पंचक मुहूर्त का समय:-प्रातःकाल 11:11 से अहोरात्र तक रहेगा, जो कि अशुभ समय हैं।
।।आज के दिन दिशाशूल से बचने का उपाय।।
दिशा शूल:-दिशा शूल:-पश्चिम दिशा की ओर रहने से यदि जरूरी हो तो चॉकलेट या दलिया खाकर या घी का पान करके यात्रा करने से दिशाशूल का परिहार हो जाता है।
।।आज के शुभ-अशुभ चौघड़िया को जानें।।
नोट:-दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
◆प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
"चर में चक्र चलाइये, उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे, लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे, काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो, सहाय करो कर्तार ॥"
अर्थात-:
चर:- में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग:- में जमीन सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ:- में औरत श्रृंगार, सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ:- में धंधा करें ।
रोग:- में जब कोई बीमार बीमारी से ठीक होने पर उसे स्नान करें।
काल:- में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत:- में सभी शुभ कार्य करें ।
दिन के चौघड़िया के समय से जानें मुहूर्त को:-
उद्वेग का चौघड़िया:-प्रातःकाल 05:28 से 07:11 तक रहेगा जो कि शुभ कार्य को करने के लिए अशुभ रहेगा।
चर का चौघड़िया:-प्रातःकाल 07:11 से 08:53 तक रहेगा जो कि शुभ कार्य को करने के लिए शुभ रहेगा।
लाभ का चौघड़िया:-प्रातःकाल 08:53 से 10:36 तक रहेगा, जो कि शुभ कार्य को करने के लिए शुभ रहेगा।
अमृत का चौघड़िया:-प्रातःकाल 10:36 से 12:18 तक रहेगा, जो कि शुभ कार्य को करने के लिए शुभ रहेगा।
काल का चौघड़िया:-दोपहर 12:18 से 14:00 तक रहेगा जो कि शुभ कार्य को करने के लिए अशुभ रहेगा।
शुभ का चौघड़िया:-दोपहर 14:00 से 15:43 तक रहेगा जो कि शुभ कार्य को करने के लिए शुभ रहेगा।
रोग का चौघड़िया:-दोपहर 15:43 से 17:25 तक रहेगा जो कि शुभ कार्य को करने के लिए अशुभ रहेगा।
उद्वेग का चौघड़िया:-सायंकाल 17:25 से 19:08 तक रहेगा जो कि शुभ कार्य को करने के लिए अशुभ रहेगा।
रात के चौघड़िया के समय से जानें मुहूर्त को:-
शुभ का चौघड़िया:-रात्रिकाल 19:08 से 20:25 तक रहेगा जो कि शुभ कार्य को करने के लिए शुभ रहेगा।
अमृत का चौघड़िया:-रात्रिकाल 20:25 से 21:43 तक रहेगा जो कि शुभ कार्य को करने के शुभ रहेगा।
चर का चौघड़िया:-रात्रिकाल 21:43 से 23:00 तक रहेगा जो कि शुभ कार्य को करने के लिए शुभ रहेगा।
रोग का चौघड़िया:-रात्रिकाल 23:00 से 24:18 तक रहेगा जो कि शुभ कार्य को करने के लिए अशुभ रहेगा।
काल का चौघड़िया:-मध्य रात्रि 24:18 से 25:35 तक रहेगा जो कि शुभ कार्य को करने के लिए अशुभ रहेगा।
लाभ का चौघड़िया:-प्रातः(कल) 25:35 से 26:53 तक रहेगा जो कि शुभ कार्य को करने के लिए शुभ रहेगा।
उद्वेग का चौघड़िया:-प्रातः(कल) 26:53 से 28:10 तक रहेगा जो कि शुभ कार्य को करने के लिए अशुभ रहेगा।
शुभ का चौघड़िया:-प्रातः(कल) 28:10 से 29:28 तक रहेगा जो कि शुभ कार्य को करने के लिए शुभ रहेगा।
।।सूर्य के उदय के समय के लग्न को जानें।।
सूर्योदयकालीन उदित लग्न:-वृषभ लग्न 6°44' गति 36°44' रहेगी।
सूर्य नक्षत्र:-कृत्तिका नक्षत्र में सूर्य रहेंगे।
चन्द्रमा नक्षत्र:-धनिष्ठा नक्षत्र में चन्द्रमा रहेंगे।
गोचर राशि में ग्रहों के हालात, नक्षत्रों के चरण और अक्षर :-जो नीचे बताये गए है:-
ग्रह----------राशि----------नक्षत्र के चरण--अक्षर
सूर्य ग्रह:-वृषभ राशि में कृत्तिका नक्षत्र के चौथे चरण के ए अक्षर में रहेगा।
चन्द्रमा ग्रह:-मकर राशि में धनिष्ठा नक्षत्र के दूसरे चरण के गी अक्षर में रहेगा।
मंगल ग्रह:-मीन राशि में उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के पहले चरण के दू अक्षर में रहेगा।
बुध ग्रह:-वृषभ राशि में कृत्तिका नक्षत्र के तीसरे चरण के उ अक्षर में रहेगा।
गुरु ग्रह:-मीन राशि में उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के दूसरे चरण के थ अक्षर में रहेगा।
शुक्र-ग्रह:-मीन राशि में रेवती नक्षत्र के चौथे चरण के ची अक्षर में रहेगा।
शनि ग्रह:-कुम्भ राशि में घनिष्ठा नक्षत्र के तीसरे चरण के गु अक्षर में रहेगा।
राहु ग्रह:-मेष राशि में कृत्तिका नक्षत्र के पहले चरण के अ अक्षर में रहेगा।
केतु ग्रह:-तुला राशि में विशाखा नक्षत्र के तीसरे चरण के ते अक्षर में रहेगा।
।।अंक शास्त्र ज्योतिष विज्ञान से जानें हाल:-
22 तारीख को जन्में मनुष्य के लिए मूलांक 04 के लिए शुभाशुभ:-
शुभ-तारीखें:-हर माह की 4, 13, 22 और 31 तारीख।
शुभ-वार:-शनिवार, रविवार व सोमवार।
शुभ-वर्ष:-उम्र के 4, 13, 22, 31, 40, 49, 58, 67, 76, 85 एवं 94 वें वर्ष।
शुभ-दिशा:-आग्नेय(दक्षिण-पूर्व)।
शुभ-रंग:-नीला, खाकी, मटमैला(सलेटी)।
शुभ-रत्न:-गोमेद।
शुभ-धातु:-मिश्रित धातु।
आराध्य-देव:-गणेश जी।
जपनीय-मन्त्र:-ऊँ रां रांहवे नमः।
पूज्य-धारण योग्य यंत्र:-
13 8 15
14 12 10
9 16 12
मित्र-अंक (मालिक ग्रह के अनुसार):-4, 5, 6 एवं 8 ।
शत्रु-अंक (मालिक ग्रह के अनुसार):-1, 2, 7 एवं 9।
सम-अंक (मालिक ग्रह के अनुसार):-3।
