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Friday, January 1, 2021

राशियों के नतीजे छठे भाव में(Results of zodiac signs in the sixth house)


 

राशियों के नतीजे छठे भाव में(Results of zodiac signs in the sixth house):-


1. मेष राशि :- जन्मकुंडली के छठे भाव में पहली राशि मेष होने से मनुष्य के पास में ज्यादा पशुओं वाला होता है।

मनुष्य को ज्यादा ज्ञान नहीं होता है।

मनुष्य का आकार से डरावना दिखता है।


2. वृषभ राशि :- जन्म कुंडली के भाव छठे भाव में दूसरी वृषभ राशि होने से मनुष्य पशुओ के साथ बुरा बर्ताव करने वाला होता है और पशुओं को अपना दुश्मन समझता है।

औरतों एवं अपने बन्धुवर्ग की संगति से बुरे काम करते हुए असत्यमार्ग अपनाने वाला होता है।

3. मिथुन राशि :-जन्म कुंडली के छठे भाव में तीसरी राशि मिथुन होने से मनुष्य औरत के साथ दुश्मनी की विचारधारा रखते है।

मनुष्य कोई भी तरह से पाप कर्म करने वाले होते है। मनुष्य व्यापार करने वाली और बुरे व दुष्ट मनुष्यों से प्यार में रहने वाले मनुष्यों से दुश्मनी करने वाले होते है।


4. कर्क राशि :-जन्मकुंडली के छठे भाव में चौथी कर्क राशि होने से मनुष्य ज्यादातर बीमार ही रहता है।

मनुष्य को सामाजिक जीवन में बहुत ही ज्यादा सम्मान मिलता है।

मनुष्य अपना जीवन राजा के समान शान-शौकत से सभी तरह के सुखों को भोगते हुए बिताते हैं।


5. सिंह राशि :- जन्मकुंडली के छठे भाव में पांचवी सिंह राशि होने से मनुष्य अपने बेटे और भाई-बन्धुओं से दुश्मनी करने वाले होते है।

मनुष्य अपने द्वारा किये हुए बर्ताव से वह सबको अपना दुश्मन समझता है।

मनुष्य की दुश्मनी रुपये-पैसे के कारण करने वाले होते है।

मनुष्य अपने जीवन काल में सम्मानित औरतों से अलग रहने वाले और अपने सर्वश्रेष्ठ समझने वाले होते है।


6. कन्या राशि :- जन्मकुंडली के छठे भाव में छठी कन्या राशि होने से मनुष्य छोटी बच्चियों  को अपना दुश्मन समझता है।

मनुष्य व्यभिचारिणी या कुलटा औरतों से दुश्मनी रखने वाले होते है।

मनुष्य सुंदर निर्णय करने वाली वेश्याओं एवं धनहीन स्त्रियों से शत्रुता रखता है।


7.तुला राशि :-जन्मकुंडली के छठे भाव में सातवीं तुला राशि होने से मनुष्य अच्छे मनुष्यों से दुश्मनी करने वाला होता है।

मनुष्य धार्मिक काम करने वाले कार्यकर्ता से दुश्मनी की सोच रखते हुए धर्म कर्म के कामों में परेशानी बढ़ाने वाले होते है।

मनुष्य अपने घर में रहने वाले परिवार के सदस्यों व बन्धुओं से दुश्मनी का भाव रखने वाले होते है।

8. वृश्चिक राशि :-।जन्मकुंडली के छठे भाव में आठवीं वृश्चिक राशि होने से मनुष्य किसी भी दूसरे मनुष्य की चुगलखोरी करने वाले होते है।

मनुष्य सर्प व बिच्छू  को अपना शत्रु मानते हुए सर्प व बिच्छू को जहां कहि देखता है तो वह उनको मारने दौड़ता है।

मनुष्य हिंसक मनुष्य व चोरी करने वाले समुदाय और बिल में रहने वाले जंतुओं से दुश्मनी रखने वाला होता है।


9. धनु राशि :- जन्मकुंडली के छठे भाव में नवी धनु राशि होने से मनुष्य बोली के शब्दों के तीरों से युक्त मनुष्यों से शत्रुता का भाव रखने वाले होते है।

मनुष्य हाथी और घोड़ो को अपना दुश्मन मानते हुए हाथी व घोड़ो से दुश्मनी की सोच रखने वाले होते है।

मनुष्य ठगी करने वाले मनुष्यों के साथ वैर का भाव रखने वाले होते है।


10. मकर राशि :-जन्मकुंडली के छठे भाव में दशवीं मकर राशि होने से मनुष्य पैसों वाले से मन में दुश्मनी का भाव रखने वाले होते है।

मनुष्य अपने दोस्तों और साधु-संतों से दुश्मनी रखने वाले होते है।

मनुष्य अपने घरवालों और सम्मानित मनुष्यों से दुश्मनी रखने वाले होते है।


11. कुंभ राशि :- जन्मकुंडली के छठे भाव में ग्यारहवीं कुंभ राशि होने से मनुष्य राजकीय कार्य से रुपये कमाने वाले के साथ दुश्मनी रखने वाले होते है।

मनुष्य खेती व बावड़ी, तालाब आदि जलाशयों के कार्य करने वाले के साथ दुश्मनी रखते है।

मनुष्य मैले वस्त्र पहनने वालों से शत्रुता रखता है।

12. मीन राशि :- जन्मकुंडली के छठे भाव में बारहवीं मीन राशि होने से मनुष्य अपने जन्म लेने वाले बेटे से और कपड़ो के प्रति हीन भावना रखते है।

मनुष्य परस्पर लगाव रखने वाले मनुष्यों से शत्रुता करता है।

मनुष्य अपनी औरत के कारण अपने लोगो से दुश्मनी रखते है।