दान का नाता:- ईश्वर से या जो कमजोर व दूषित ग्रहों की शांति के लिए होता है।
भेंट या सौगात का नाता:-किसी मनुष्य के द्वारा जब किसी तरह उसे खुशी मिलती है तब वह कोई भी कार्यक्रम करता है तो उस कार्यक्रम में उस मनुष्य को प्रसन्न करने में दूसरे मनुष्य की तरफ से जो वस्तु या रुपये-पैसे देते है उसे भेंट या उपहार कहते है।
पुराने जमाने से चली आ रही परम्पराओं के अनुसार हमारे ऋषि-मुनियों ने कई तरह की विद्याओं का निर्माण किया था। इन विद्याओं में से एक ज्योतिष शास्त्र को बनाया था।
जन्मकुंडली में ग्रह उच्च राशि में:-इस ज्योतिष शास्त्र के मतानुसार जो जन्मकुंडली में ग्रह उच्च राशि मे होते है उनसे सम्बन्धित वस्तुओं या सामग्रियों को किसी मनुष्य के द्वारा अन्य मनुष्य को सौगात में नहीं देना चाहिए, क्योंकि जन्मकुंडली में स्थित उच्च राशि का ग्रह अपने से सम्बंधित कारक वस्तुएं को उपलब्ध कराता है और शुभता देता है। इसलिए मनुष्य को उच्च ग्रह से सम्बंधित वस्तुओं का दान या सौगात में देते है तो उनको मनुष्य अपने से दूर करते है।
जन्मकुंडली में ग्रह नीच राशि में होते है उनसे सम्बन्धित वस्तुओं या सामग्रियों को किसी मनुष्य के द्वारा अन्य मनुष्य को सौगात में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि जन्मकुंडली में स्थित नीच राशि का ग्रह अपने से सम्बंधित कारक वस्तुओं को पीड़ित करता है,जबकि वह पहले से ही अशुभ होती है व उनसे सम्बन्धित वस्तुएं सौगात स्वरूप लेने से उसकी अशुभता ओर बढ़ती है। इसलिए मनुष्य को नीच ग्रह से सम्बंधित वस्तुओं का दान या सौगात में मनुष्य को मनुष्य से नहीं लेना चाहिए।
रवि ग्रह के उच्च राशि:-जब मनुष्य की जन्मकुंडली में रवि ग्रह उच्च राशि में होने पर मनुष्य को रवि ग्रह से सम्बंधित वस्तुएं जैसे- ताम्र की बनी हुई मूर्ति व ताम्र के सामान, गेहूं व गुड़ से बने हुए पकवान को और माणिक्य रत्न से जड़ित व निर्मित ज्वैलरी आदि का दान में व किसी के द्वारा सौगात में नहीं देना चाहिए।
रवि ग्रह के नीच राशि:-जब मनुष्य की जन्मकुंडली में रवि ग्रह नीच राशि में होने पर मनुष्य को रवि ग्रह से सम्बंधित वस्तुएं जैसे- ताम्र की बनी हुई मूर्ति व ताम्र के सामान, गेहूं व गुड़ से बने हुए पकवान को और माणिक्य रत्न से जड़ित व निर्मित ज्वैलरी आदि का दान में व किसी के द्वारा सौगात में नहीं लेना चाहिए।
क्योंकि यदि मनुष्य इन वस्तुओं को सौगात में लेता है तो उसे अपने पिता के सम्बन्ध में परेशानी व आंखों में दुखावा और अपने कर्म स्थान में दुख मिलता है।
सोम ग्रह के उच्च राशि:-जब मनुष्य की जन्मकुंडली में सोम ग्रह उच्च राशि में होने पर मनुष्य को सोम ग्रह से सम्बंधित वस्तुएं जैसे-चांदी के बर्तन,चांदी की ज्वैलरी, सफेद रंग की मूर्ति,सफेद रंग का कपड़ा,मोती,दुग्ध व चावल से बना पकवान आदि को किसी मनुष्य के द्वारा सौगात में नहीं देना चाहिए।
सोम ग्रह के नीच राशि:-जब मनुष्य की जन्मकुंडली में सोम ग्रह नीच राशि में होने पर मनुष्य को सोम ग्रह से सम्बंधित वस्तुएं जैसे- चांदी के बर्तन,चांदी की ज्वैलरी, सफेद रंग की मूर्ति,सफेद रंग का कपड़ा,मोती,दुग्ध व चावल से बना पकवान आदि को किसी मनुष्य के द्वारा सौगात में देने पर नहीं लेना चाहिए।
क्योंकि मनुष्य के द्वारा सौगात में इनमें से कोई भी वस्तु लेने पर घर के झगड़े,बिना मतलब की परेशानी और मन के अंदर अशान्ति में बढ़ोतरी हो जाती है।
भौमग्रह के उच्च राशि:-जब मनुष्य की जन्मकुंडली में भौम ग्रह उच्च राशि में होने पर मनुष्य को भौम ग्रह से सम्बंधित वस्तुएं जैसे-पत्थर की बनी मूर्ति,हाथी के दांत से बनी हुई सभी तरह की वस्तुएं, गुड़ से बनाकर तैयार पकवान,रेवड़ी,भूमि,भवन,लाल रंग की वस्तुएं व मूंगा आदि को मनुष्य के द्वारा मनुष्य को सौगात में नहीं देना चाहिए।
भौम ग्रह के नीच राशि:-जब मनुष्य की जन्मकुंडली में भौम ग्रह नीच राशि में होने पर मनुष्य को भौम ग्रह से सम्बंधित वस्तुएं जैसे- पत्थर की बनी मूर्ति,हाथी के दांत से बनी हुई सभी तरह की वस्तुएं, गुड़ से बनाकर तैयार पकवान,रेवड़ी,भूमि,भवन,लाल रंग की वस्तुएं व मूंगा आदि को मनुष्य के द्वारा मनुष्य को सौगात में नहीं लेना चाहिए।
सौम्य ग्रह के उच्च राशि:-जब मनुष्य की जन्मकुंडली में सौम्य ग्रह उच्च राशि में होने पर मनुष्य को सौम्य ग्रह से सम्बंधित वस्तुएं जैसे-पन्ना रत्न को,त्रिधातु से निर्मित ज्वैलरी, हरे रंग के कपड़े और मूंग की दाल आदि को मनुष्य के द्वारा मनुष्य को सौगात में देना नहीं चाहिए।
सौम्य ग्रह के नीच राशि:-जब मनुष्य की जन्मकुंडली में सौम्य ग्रह नीच राशि में होने पर मनुष्य को सौम्य ग्रह से सम्बंधित वस्तुएं जैसे- पन्ना रत्न को,त्रिधातु से निर्मित ज्वैलरी, हरे रंग के कपड़े और मूंग की दाल आदि को मनुष्य के द्वारा मनुष्य को सौगात में नहीं लेना चाहिए
जीव ग्रह के उच्च राशि:-जब मनुष्य की जन्मकुंडली में जीव ग्रह उच्च राशि में होने पर मनुष्य को जीव ग्रह से सम्बंधित वस्तुएं जैसे-सोना,पीले रंग के कपड़े,पीले रंग के फूल,पीले रंग वाली चने की दाल, चने की दाल से बने हुए पकवान,ज्ञान व धर्म की किताबें और पुखराज रत्न को मनुष्य के द्वारा मनुष्य को सौगात में नहीं देना चाहिए।
जीव ग्रह के नीच राशि:-जब मनुष्य की जन्मकुंडली में जीव ग्रह नीच राशि में होने पर मनुष्य को जीव ग्रह से सम्बंधित वस्तुएं जैसे- सोना,पीले रंग के कपड़े,पीले रंग के फूल,पीले रंग वाली चने की दाल, चने की दाल से बने हुए पकवान,ज्ञान व धर्म की किताबें और पुखराज रत्न को मनुष्य के द्वारा मनुष्य को सौगात में नहीं लेना चाहिए।
क्योंकि यदि मनुष्य सौगात में यह सब वस्तुओं में से कोई भी वस्तु लेता है तो उसको पैसे टके में परेशानी और राजकीय सेवा व उद्योग-धंधे में बाधा आने लगती है।
भृगु ग्रह के उच्च राशि:-जब मनुष्य की जन्मकुंडली में भृगु ग्रह उच्च राशि में होने पर मनुष्य को भृगु ग्रह से सम्बंधित वस्तुएं जैसे-सुंगन्धित परफ्यूम, सौन्दर्य प्रसाधन की सामग्री,नए फैशन के कपड़े,कलात्मक वस्तुएं, बजाने वाले वाद्य यंत्र,क्रीम,हीरा रत्न व हीरे के रत्न से जड़ित ज्वेलरी आदि को मनुष्य के द्वारा मनुष्य को सौगात में नहीं देना चाहिए।
भृगु ग्रह के नीच राशि:-जब मनुष्य की जन्मकुंडली में भृगु ग्रह नीच राशि में होने पर मनुष्य को भृगु ग्रह से सम्बंधित वस्तुएं जैसे- सुंगन्धित परफ्यूम, सौन्दर्य प्रसाधन की सामग्री,नए फैशन के कपड़े,कलात्मक वस्तुएं, बजाने वाले वाद्य यंत्र,क्रीम,हीरा रत्न व हीरे के रत्न से जड़ित ज्वेलरी आदि को मनुष्य के द्वारा मनुष्य को सौगात में नहीं लेना चाहिए।
क्योंकि यदि मनुष्य के द्वारा इन सभी वस्तुओं में से कोई भी वस्तु यदि लेता है तो उनको पेशाब के सम्बन्धित बीमारी,औरतो के शरीर मे दुखावा और एक दूसरे से दुश्मनी हो जाती है।
मन्द ग्रह के उच्च राशि:-जब मनुष्य की जन्मकुंडली में मन्द ग्रह उच्च राशि में होने पर मनुष्य को मन्द ग्रह से सम्बंधित वस्तुएं जैसे-लोखन की वस्तुएं, लोखन के फर्नीचर, नीलम,काले रंग के कपड़े,काले रंग की उड़द की दाल व उड़द को,काले रंग के जूते,काले रंग का छाता और काले रंग के कोयला आदि को मनुष्य के द्वारा मनुष्य को सौगात में नहीं देना चाहिए।
मन्द ग्रह के नीच राशि:-जब मनुष्य की जन्मकुंडली में मन्द ग्रह नीच राशि में होने पर मनुष्य को मन्द ग्रह से सम्बंधित वस्तुएं जैसे- लोखन की वस्तुएं, लोखन के फर्नीचर, नीलम,काले रंग के कपड़े,काले रंग की उड़द की दाल व उड़द को,काले रंग के जूते,काले रंग का छाता और काले रंग के कोयला आदि को मनुष्य के द्वारा मनुष्य को सौगात में नहीं लेना चाहिए।
सैंहिकेय ग्रह के उच्च राशि:-जब मनुष्य की जन्मकुंडली में सैंहिकेय ग्रह उच्च राशि में होने पर मनुष्य को सैंहिकेय ग्रह से सम्बंधित वस्तुएं जैसे-अपने पहने हुए कपड़े,पुराने सिक्के, शेयर,सट्टे से सम्बंधित सामग्री और गोमेद रत्न आदि को मनुष्य के द्वारा मनुष्य को सौगात में नहीं देना चाहिए।
सैंहिकेय ग्रह के नीच राशि:-जब मनुष्य की जन्मकुंडली में सैंहिकेय ग्रह नीच राशि में होने पर मनुष्य को सैंहिकेय ग्रह से सम्बंधित वस्तुएं जैसे- अपने पहने हुए कपड़े,पुराने सिक्के, शेयर,सट्टे से सम्बंधित सामग्री और गोमेद रत्न आदि को मनुष्य के द्वारा मनुष्य को सौगात में नहीं लेना चाहिए।
शिखी ग्रह के उच्च राशि:-जब मनुष्य की जन्मकुंडली में शिखी ग्रह उच्च राशि में होने पर मनुष्य को शिखी ग्रह से सम्बंधित वस्तुएं जैसे-लहसुनियां रत्न,कम्बल,जूते, तीखे धार के चाकू व छुरी को मनुष्य के द्वारा मनुष्य को नहीं देना चाहिए।
शिखी ग्रह के नीच राशि:-जब मनुष्य की जन्मकुंडली में शिखी ग्रह नीच राशि में होने पर मनुष्य को शिखी ग्रह से सम्बंधित वस्तुएं जैसे- -लहसुनियां रत्न,कम्बल आदि को मनुष्य के द्वारा मनुष्य को नहीं लेना चाहिए। क्योंकि यदि मनुष्य के द्वारा ये वस्तुए लेता है तो उसको अपने पग में दुखावा,कान में दुखावा और सन्तान से सम्बंधित परेशानी हो सकती है।
